INFLATION क्या है?

INFLATION को हिंदी में मुद्रास्फीति कहते है। INFLATION का अर्थ है वस्तुओं की कीमत में हर साल बढ़ोतरी। मुद्रास्फीति की स्थिति में मुद्रा की कीमत कम हो जाती है क्योकि ग्राहक को बाजार में वस्तुए खरीदने के लिए अधिक कीमत देनी पड़ती है। उदाहरण के लिए आज से 7 – 8 साल पहले 100 रूपए में बैग भरकर ढेर सारा सामान आता था परन्तु आज 500 रूपये में एक छोटा बैग सामान ही आ पाता है। कारण पैसों की कीमत का कम होना और यही स्थिति मुद्रास्फीति कहलाती है।

मुद्रास्फीति के कारण –

  • वस्तुओं और सेवाओं की मांग से हो रही वृद्धि के कारण मुद्रास्फीति होती है।

  • पूर्ति की कमी – जब किसी वस्तु की मांग बढ़ती है तो अधिक लाभ कमाने के लिए व्यापारी उसकी SUPPLY रोक देते है और उस वस्तु को बाजार में आने नहीं देते जिससे वस्तु की कीमत में वृद्धि होने लगती है।

  • सरकारी खर्चों में बढ़ोतरी – सरकार के द्वारा गैर योजना व्यय में वृद्धि से जनता के हाथों में खर्च करने के लिए अधिक धन आ जाता है जिससे मांग में वृद्धि होती है।

मुद्रास्फीति के प्रभाव – (मुद्रास्फीति के दो प्रभाव है) –

नकारात्मक प्रभाव –

  • मुद्रास्फीति का प्रभाव गरीब व नौकरीपेशा लोगों पर अधिक पड़ता है।

  • मुद्रास्फीति के कारण चीजें महंगी होती है जिससे गरीब आदमी को नुकसान होता है।

  • निर्यात महंगा हो जाता है।

  • इसका असर रोजगार पर भी पड़ता है।

  • कीमतों में वृद्धि से मुद्रा की क्रय सकती कम होती है।

सकारात्मक प्रभाव –

1. मुद्रास्फीति का सबसे ज्यादा लाभ उद्योगपतियों व्यापारी और किसान वर्ग को मिलता है।

ज़्यादा विस्तार से समझने के लिए आप हमारी (youtube video) को नीचे दिए गए बटन को दबा करके देख सकते है।

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