नमस्कार दोस्तों आज हम इस ब्लॉग में (Gap Theory) के बारे में जानेगे यह किया है और किस प्रकार काम करती है। (Gap Theory) आपको अपनी ट्रेडिंग की तकनीक के साथ प्रयोग करनी चाहिए यह आपको अच्छा प्रॉफिट लेने में काफी मदद करेगी और गलत ट्रेड से भी आपको बचाएगी।

क्या है (Gap Theory) थ्योरी ? :-

इस तकनीक में Gap up और Gap down के प्राइस एक्शन और उसके बाद होने वाले प्राइस एक्शन के माध्यम से यह पता लगाया जाता है आगे कीमत की चाल कैसी रहने वाली है।

(Gap Theory) के क्या-क्या फायदे है ? :-

  1. Risk & Reward ज्यादा अच्छे से फायदा है। 

  2. लम्बे प्रॉफिट निकलने में मदद मिलेगी। 

  3. गलत ट्रेड को जल्दी समझ जायेंगे और बहार हो जायेंगे। 

  4. चोप्पी यानि SIDEWAYS मार्किट का भी पता लग जायेगा। 

(Gap Theory) को समझने से पहले  Gap up और Gap down को समझ लीजिये :-

GAP UP :- मान लीजिये पहले दिन कोई स्टॉक 100 रूपए पर हाई बनाया और दूसरे दिन 103 पर वो स्टॉक खुला तो यानि (103-100 = 3) यानि शेयर 3 रूपए के गैप उप पर खुला है।

GAP DOWN :- मान लीजिये पहले दिन शेयर 100 रूपए के LOW कीमत थी और दूसरे दिन 97 पर शेयर खुला तो यानि (100-97 = 3) के गैप डाउन पर ओपन हुआ है।

इस थॉयरी के अंदर चार प्रकार के गैप बताये गए है वो इस प्रकार है COMMON GAP, BREAKAWAY GAP, RUNAWAY GAP, EXHAUSTION GAP.

  • COMMON GAP :-  चार्ट पैटर्न में ये गैप सबसे ज्यादा दिखाई देता है। यह गैप तब आता है जब जब बाजार में रेंज के अंदर काम कर रहा हो और उसी रेंज के बीच में में गैप बनता है और यह किसी भी प्रकार का BUY और SELL सिग्नल नहीं देते है। इस प्रकार के गैप की मदद से आपको ट्रेड नहीं लेना चाहिए। 

  • BREAKAWAY GAP :-  इस गैप में एक अच्छा BUY और SELL का सिग्नल होता है यह गैप तब आता है जब बाजार पुराने रेंज को तोड़ता है

  • RUNAWAY GAP :- इस गैप का मतलब होता है की बाजार में जो भी ट्रेंड चल रहा है वो अभी बना रहेगा आप अपने ट्रेड को ट्रेंड की दिशा में होल्ड करके रखिये। यह गैप बढ़ते या फिर गिरते ट्रेंड में आता है।

  • EXHAUSTION GAP :- इस गैप का मतलब है की जो भी ट्र्रेंड चल रहा वो अब चेंज होने वाला है इस गैप में तो भी कैंडल गैप बनती वो गैप जल्द ही भर जाता है और बाजार अपनी चाल को बदल लेता है।

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