(Circuit Breaker) क्या है ?

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नमस्कार दोस्तों आज हम इस लेख में (Circuit Breaker) के बारे में बात करेंगे जिसका सीधी भाषा में मतलब होता है। कोई शेयर या इंडेक्स (कोई भी सिक्योरिटी) एक दिन में कितना बढ़ सकती है या फिर गिर सकती है।

(Circuit Breaker) क्या है ? :-

यह बाजार में अस्थिरता को कम करता है और तय करता है की कोई शेयर या इंडेक्स (कोई भी सिक्योरिटी) एक दिन में कितना बढ़ सकता है या फिर गिर सकता है और उसके बाद उस सिक्योरिटी पर ट्रेडिंग बंद कर दी जाती है।

(Circuit Breaker) के नियम index और शेयर और डिबेंचर जैसी स्क्रीप्ट पर अलग -अलग है। :-

  • INDEX 

 

  • Share and (Debenture like script)
शेयर और डिबेंचर जैसी स्क्रिप्ट के अंदर चार प्रकार के सर्किट लिमिट है (2%,5%,15%,20%) यह लिमिट सिक्योरिटी की गुणवत्ता और मार्किट कैप को देख कर दी जाती है। यानि हम यह कह सकते है की शेयर और डिबेंचर जैसी स्क्रिप्ट (Circuit limit) से न तो ज्यादा ऊपर जा सकती और न ही नीचे। 

 

 Circuit Breaker दो प्रकार के होते है :-

  • UPPER CIRCUIT – जैसा की हमे नाम से ही पता चल रहा की कोई सिक्योरिटी एक दिन में कितना बढ़ सकती है उदहारण के लिए – शेयर की कीमत 100 रूपए चल रही है तो वह 20% सर्किट लिमिट के हिसाब से 120 रूपए से ज्यादा नहीं बढ़ सकता।
  • LOWER CIRCUIT – जैसा की आपको ऊपर बताया गया है यह बिलकुल उसके विपरीत है की कोई सिक्योरिटी एक दिन में अधिकतम कितना गिर सकती है। उदहारण के लिए अगर कोई शेयर 100 पर बंद हुआ था तो वह अगले दिन 20% सर्किट लिमिट के हिसाब से 80 रूपए से ज्यादा नहीं गिर सकता।
 Circuit Breaker के फायदे :-

 

  • यह बाजार की अस्थिरता को कम करता है। 
  • गिरावट के समय सबको बहार निकलने का मौका देता है। 
  • गैर क़ानूनी गतिविदियों कुछ हद तक लगाम लगाता है। 

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